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मंगोलिया के लिए रवाना हुए सारिपुत्त और महामोग्गलान के अस्थि कलश।

मंगोलिया के लिए रवाना हुए सारिपुत्त और महामोग्गलान के अस्थि कलश।

साँची के चेतियागिर विहार में रखे भगवान बुद्ध के प्रधान शिष्यों सारिपुत्त और महामोग्गलान के अस्थि कलश मंगोलिया के लिए रवाना हुए। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष एवं लंकाजी टेंपल जापान के मुख्य संघनायक वेनेगल उपतिस्स नायक थेरो ने चेतियागिर विहार के गर्भगृह में पारम्परिक पूजा अर्चना के उपरांत इन्हें संस्कृति विभाग की टीम को सौंपा। पूजा के बाद अस्थि कलश को बाहर लाया गया तो पुलिस द्वारा गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साँची से अस्थियों को भोपाल एयरपोर्ट ले जाया गया जहां से इन्हें पहले दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय और फिर वहां से 30 जून को मंगोलिया भेजा जाएगा। पवित्र अस्थियों के साथ, मंगोलिया, वेनेगल थैरो जी और संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला जाएंगे। साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता की अगुवाई में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, शोधार्थी, और अन्य कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अस्थि कलश को साँची से भोपाल ले जाने हेतु शासन द्वारा साँची विवि के ही रविन्द्र सिंह ठाकुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। साँची विश्वविद्यालय के धर्म धम्म सम्मेलन में मंगोलिया के राजदूत भी शिरकत कर चुके हैं। 

मंगोलिया की राजधानी उलानबटार स्थित गंडन तेगचेनलिंक मठ में में अस्थि कलश को 9 जून तक आम जनता के दर्शनाथ रखा जाएगा। 10 जून को इन्हें  दिल्ली लाया जाकर 11 जून को चेतियागिर बिहार में पुनः स्थापित किया जाएगा।