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सांची स्तूप पर 3000 लोगों ने एक साथ किया योग  

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                     Jun 21, 2022

सांची स्तूप पर 3000 लोगों ने एक साथ किया योग

  • सांची विश्वविद्यालय और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यममंत्रालय का संयुक्त प्रयास
  • विश्वविद्यालय के योग विभाग ने सभी को कराया योग
  • ‘योग से एकाग्रता और शांति आती है’
विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप पर आज 3000 से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। सांची, विदिशा, भोपाल के स्कूली और कॉलेज के छात्रों के साथ सांची विश्वविद्यालय के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राज्य मंत्री भानू प्रताप सिंह, मध्य प्रदेश के स्वास्थ मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी,  सांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉक्टर नीरजा गुप्ता तथा कुलसचिव प्रो. अलकेश चतुर्वेदी सम्मिलित हुए।
इस सामूहिक योगाभ्यास में सबसे अधिक संख्या स्कूली बच्चों की थी। सांची विश्वविद्यालय के योग विभाग के योग विशेषज्ञों ने सभी को योग के आसन कराए। सांची विश्वविद्यालय के youtube लिंक के माध्यम से लाइव किया गया। स्तूप पर सभी प्रतिभागियों ने पहले खड़े होकर किये जाने वाले आसनों को किया। इसके बाद पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसनों को परफॉर्म किया। दंडासन, वज्रासन, वक्रासन, मकरासन, शवासन इत्यादि का अभ्यास किया। स्तूप पर सभी प्रतिभागियों ने कर्नाटक के मैसूर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योग अभ्यास के LIVE प्रसारण के साथ भी योगाभ्यास में साथ दिया। एक साथ देश के करोड़ों लोगों ने एक ही समय योग करने का विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।
सुबह साढ़े छह बजे सभी लोगों ने स्तूप पर ही म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्भाव सुने इसके बाद मैसूर में योग कर रहे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सुना। योगाभ्यास में सांची विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी सम्मिलित हुए। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा भारतीय पुरातत्व विभाग, राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों, रायसेन ज़िला कलेक्टर श्री अरविंद दुबे, रायसेन ज़िला पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल भी सम्मिलित हुए।

सांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता ने कहा कि योग समाज में सद्भाव स्थापित करता है और योग, अभ्यास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक जीवन पर प्रभाव डालता है। 


बुद्धिस्ट-इंडिक स्टडीज की सांची विश्वविद्यालय में आपका स्वागत है

यह विश्वविद्यालय वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने के लिए है और आम तौर पर दुनिया भर के शिक्षाविदों, शिक्षाविदों, दार्शनिकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों को कवर करेगा, लेकिन मुख्य रूप से एशियाई देशों - उत्पत्ति की भूमि और बौद्ध-इंडिक संस्कृति के प्रसार पर ध्यान केंद्रित करेगा। दर्शन से संस्कृति तक बौद्ध-इंडिक अध्ययन के सभी पहलुओं; अर्थशास्त्र से शासन तक समग्रता में संबोधित किया जाएगा। यह सभी दस दिशाओं से ज्ञान और ज्ञान को आमंत्रित करेगा; जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रसारित करने के लिए आगे बढ़ना, रिडीम करना, शोध करना, परिशोधित करना और नवीनीकृत करना और 'मदर अर्थ' को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाने में प्रयासों में योगदान देना है। यह एशियाई देशों के बीच बातचीत और क्रॉस को सुविधाजनक बनाने में भी योगदान देगा विचारों का परागण और विभिन्न एशियाई सभ्यताओं के बीच सद्भावना को बढ़ावा देना। यह मूल्यवान भौतिक संपत्तियों, पांडुलिपियों के संरक्षण और संरक्षण को भी बढ़ावा देगा; विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच दस्तावेज़ीकरण, अनुवाद, समन्वय और बातचीत को बढ़ावा देना।

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