15.02.2023
विश्व हिंदी सम्मेलन में कुलपति ने किया पुस्तक का विमोचन
- फीजी में आयोजित है 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन
- विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन के साथ समाचार पत्र का विमोचन
- हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनाए जाने का हो रहा है प्रयास
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता ने भारत के विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन के साथ फीजी में हिंदी की एक पुस्तक तथा समाचार पत्र का विमोचन किया। फीजी में आज से बारहवां विश्व हिंदी सम्मेलन प्रारंभ हुआ है। विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित यह विश्व हिंदी सम्मेलन 17 फरवरी 2023 तक चलेगा।
फीजी के नांदी के देनाराऊ आइलैंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हिंदी- पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक’ है। भारत तथा फीजी सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में नई प्रौद्योगिकी के दौर में हिंदी भाषा के विकास, हिंदी भाषा के आधार पर विकसित संस्कृति और समाज का अध्ययन जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।
300 से अधिक शिक्षाविद, लेखक, प्रतिनिधि इस सम्मेलन में पहुंचे हैं। भारत सहित 50 देशों के प्रतिनिधियों द्वारा हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा की सूची में शामिल कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत के विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर व फिजी के राष्ट्रपति श्री रातू विल्यम मैवलीली काटोनिवेरे ने आज सुबह ही विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन स्थल पर हिंदी के विकास संबंधी व भारतीय तथा फीजी संस्कृति पर आधारित कई प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं।
03.02.2023
सांची विश्वविद्यालय सेमिस्टर परीक्षाओं की तिथि घोषित
‘
- 17 फरवरी से आयोजित हैं सेमिस्टर परीक्षाएं
- पहले व तीसरे सेमिस्टर के छात्र हो सकेंगे सम्मिलित
- 8 फरवरी तक भरी जा सकेंगे परीक्षा फॉर्म
- लेट फीस के साथ अंतिम तिथि 11 फरवरी, 2023
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की सेमिस्टर परीक्षाओं के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। ये परीक्षाएं 17 फरवरी से प्रारंभ होंगी। सत्र 2022-23 के एम.ए, एम.एस.सी, एम.एफ.ए, एम.लिब के प्रथम सेमिस्टर व तृतीय सेमिस्टर के छात्रों के साथ-साथ सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षा भी इस दौरान आयोजित होंगी।
पी.एच.डी कोर्स वर्क की परीक्षाएं 24 फरवरी व 27 फरवरी को आयोजित होंगी। परीक्षाएं प्रात: 11 बजे प्रारंभ होंगी। परीक्षा फॉर्म मात्र ऑनलाइन ही जमा किए जाने हैं। छात्र परीक्षा फॉर्म भरने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट
https://www.sanchiuniv.edu.in/ पर लॉगइन कर फॉर्म भर सकते हैं।

Jun 21, 2022
सांची स्तूप पर 3000 लोगों ने एक साथ किया योग
- सांची विश्वविद्यालय और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यममंत्रालय का संयुक्त प्रयास
- विश्वविद्यालय के योग विभाग ने सभी को कराया योग
- ‘योग से एकाग्रता और शांति आती है’
विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप पर आज 3000 से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। सांची, विदिशा, भोपाल के स्कूली और कॉलेज के छात्रों के साथ सांची विश्वविद्यालय के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राज्य मंत्री भानू प्रताप सिंह, मध्य प्रदेश के स्वास्थ मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी, सांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉक्टर नीरजा गुप्ता तथा कुलसचिव प्रो. अलकेश चतुर्वेदी सम्मिलित हुए।
इस सामूहिक योगाभ्यास में सबसे अधिक संख्या स्कूली बच्चों की थी। सांची विश्वविद्यालय के योग विभाग के योग विशेषज्ञों ने सभी को योग के आसन कराए। सांची विश्वविद्यालय के youtube लिंक के माध्यम से लाइव किया गया। स्तूप पर सभी प्रतिभागियों ने पहले खड़े होकर किये जाने वाले आसनों को किया। इसके बाद पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसनों को परफॉर्म किया। दंडासन, वज्रासन, वक्रासन, मकरासन, शवासन इत्यादि का अभ्यास किया। स्तूप पर सभी प्रतिभागियों ने कर्नाटक के मैसूर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योग अभ्यास के LIVE प्रसारण के साथ भी योगाभ्यास में साथ दिया। एक साथ देश के करोड़ों लोगों ने एक ही समय योग करने का विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।
सुबह साढ़े छह बजे सभी लोगों ने स्तूप पर ही म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्भाव सुने इसके बाद मैसूर में योग कर रहे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को सुना। योगाभ्यास में सांची विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी सम्मिलित हुए। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा भारतीय पुरातत्व विभाग, राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों, रायसेन ज़िला कलेक्टर श्री अरविंद दुबे, रायसेन ज़िला पुलिस अधीक्षक श्री विकास सहवाल भी सम्मिलित हुए।
सांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता ने कहा कि योग समाज में सद्भाव स्थापित करता है और योग, अभ्यास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक जीवन पर प्रभाव डालता है।